[CRK]
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: एक नया और निडर क्रिकेटिंग अवतार
आईपीएल 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की टीम एक ऐसी पहचान के साथ खेल रही है, जो न केवल प्रभावी है बल्कि देखने में भी बेहद रोमांचक है। लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ हालिया जीत ने यह साबित कर दिया कि यह टीम अब केवल जीत के लिए नहीं, बल्कि अपने आक्रामक इरादों के साथ खेल रही है। चिन्नास्वामी स्टेडियम की धीमी पिच पर भी RCB ने जिस तरह से 146 रनों के लक्ष्य को 29 गेंद शेष रहते हासिल किया, वह उनकी बदली हुई रणनीति का प्रमाण है।
रजत पाटीदार: आक्रामकता के ध्वजवाहक
RCB की इस बल्लेबाजी इकाई के केंद्र में कप्तान रजत पाटीदार हैं। पाटीदार का खेल अब एक ‘नो-होल्ड्स-बार्ड’ यानी बिना किसी झिझक वाली शैली में बदल चुका है। लखनऊ के खिलाफ जब टीम के शुरुआती विकेट सस्ते में गिरे, तब पाटीदार ने अपनी पारी के पहले 12 गेंदों में ही तीन छक्के और एक चौका जड़कर मैच का रुख पलट दिया।
पाटीदार की यह फॉर्म कोई इत्तेफाक नहीं है। इस सीजन में उन्होंने लगातार तेज गति से रन बनाए हैं:
- मुंबई इंडियंस के खिलाफ: 20 गेंदों में 53 रन
- राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ: 40 गेंदों में 63 रन
- चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ: 29 गेंदों में 50 रन
- सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ: 12 गेंदों में 31 रन
दिग्गजों की नजर में RCB का बदलता मिजाज
पूर्व भारतीय बल्लेबाज अंबाती रायुडू का मानना है कि पाटीदार का यह दृष्टिकोण अब पूरी टीम में संक्रामक (infectious) रूप से फैल चुका है। रायुडू ने ईएसपीएनक्रिकइन्फो के ‘टाइमआउट’ शो में कहा, ‘वे हर गेंद पर प्रहार कर रहे हैं। कप्तान खुद ऐसा कर रहे हैं, इसलिए पूरी टीम उसी टेम्पो और टेम्पलेट का पालन कर रही है। पाटीदार जब भी क्रीज पर आते हैं, वे एक अलग ही इरादे के साथ आते हैं।’
रायुडू ने आगे कहा कि टीम की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वे अच्छी गेंदों पर भी छक्के जड़ने से नहीं कतराते, जो एक विश्व स्तरीय टीम की निशानी है।
एरॉन फिंच ने की टीम संस्कृति की सराहना
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विश्व कप विजेता कप्तान एरॉन फिंच ने RCB की तारीफ करते हुए कहा कि टीम ने अपने खेल में ‘कॉन्फिडेंस’ और ‘स्पष्टता’ ला दी है। फिंच के अनुसार, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि टीम मैच जीतने के बाद भी अपनी आक्रामकता कम नहीं करती।
फिंच ने कहा, ‘यह एक ऐसी टीम है जो अपनी ताकत के अनुसार खेलती है। अगर उनके पास मैच को जल्दी खत्म करने का मौका है, तो वे उसे हाथ से नहीं जाने देते। अक्सर खिलाड़ी व्यक्तिगत स्कोर के लिए अपना विकेट बचाने लगते हैं, लेकिन RCB के साथ ऐसा नहीं है। यह उनकी टीम संस्कृति को दर्शाता है, जहाँ व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर टीम का लक्ष्य है।’
जितेश शर्मा और निचले क्रम का योगदान
पाटीदार के प्रभाव के अलावा, जितेश शर्मा का नौ गेंदों में 23 रनों का योगदान भी महत्वपूर्ण रहा। शुरुआती मैचों में संघर्ष करने के बावजूद, जितेश ने जिस निर्भीकता के साथ बल्लेबाजी की, वह दर्शाता है कि टीम मैनेजमेंट ने उन्हें अपनी स्वाभाविक शैली में खेलने की पूरी आजादी दी है। टिम डेविड और रोमारियो शेफर्ड का अंत में साथ देना यह साबित करता है कि RCB की गहराई अब पहले से कहीं अधिक खतरनाक हो गई है।
निष्कर्ष: क्या यही भविष्य है?
अंबाती रायुडू ने निष्कर्ष निकालते हुए कहा कि अब RCB में ‘सकारात्मक इरादा’ (positive intent) एक गैर-समझौतावादी (non-negotiable) तत्व बन गया है। जो खिलाड़ी इस टेम्पलेट में फिट नहीं होते, उनके लिए प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना मुश्किल होगा। स्पष्ट रूप से, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने एक ऐसी पहचान बना ली है जहाँ जीत का मतलब सिर्फ स्कोरबोर्ड पर रन बनाना नहीं, बल्कि मैदान पर अपना दबदबा बनाए रखना है। यह ‘पाटीदार टेम्पलेट’ आने वाले मैचों में अन्य टीमों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होने वाला है।
