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क्विंटन डी कॉक की वापसी: पुरानी यादें और एक नया धमाका
क्रिकेट की दुनिया में कुछ खिलाड़ी ऐसे होते हैं जो जब अपनी लय में होते हैं, तो उन्हें रोकना नामुमकिन हो जाता है। क्विंटन डी कॉक भी उन्हीं में से एक हैं। मुंबई इंडियंस (MI) के प्रशंसकों के लिए डी कॉक का नाम किसी जादू से कम नहीं है, खासकर 2019 और 2020 के उन सालों को याद करें जब MI ने लगातार दो बार आईपीएल खिताब जीते थे। उन दोनों सीजनों में डी कॉक ने क्रमशः 529 और 503 रन बनाकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी।
हालांकि, पिछले कुछ समय में उनके करियर में उतार-चढ़ाव आए, लेकिन आईपीएल 2026 में उनकी वापसी एक बार फिर से पुरानी यादों को ताजा कर रही है। गुरुवार की रात पंजाब किंग्स (PBKS) के खिलाफ मैच में, जब कप्तान रोहित शर्मा चोट के कारण बाहर थे, डी कॉक ने मैदान पर कदम रखा और ऐसा लगा जैसे पिछले कुछ सालों का अंतराल था ही नहीं।
एक ऐसी पारी जिसने सबको हैरान कर दिया
रोहित शर्मा की अनुपस्थिति में डी कॉक को प्लेइंग इलेवन में मौका मिला, जहां उन्होंने अपने साथी देश के खिलाड़ी रयान रिकलटन के साथ ओपनिंग की। रिकलटन, जिन्हें अब तक डी कॉक पर तरजीह दी जा रही थी, इस मैच में डी कॉक के तूफान के गवाह बने। डी कॉक ने महज 60 गेंदों में 112 रनों की नाबाद पारी खेली। यह इस आईपीएल सीजन का केवल दूसरा शतक था। उनकी इस पारी में 8 चौके और 7 छक्के शामिल थे, जिसने विपक्षी गेंदबाजों की कमर तोड़ कर रख दी।
पूर्व क्रिकेटर आरोन फिंच ने डी कॉक की इस बेखौफ बल्लेबाजी का विश्लेषण करते हुए कहा कि डी कॉक अब अपने करियर के उस पड़ाव पर हैं जहां वह पूरी तरह संतुष्ट हैं। फिंच के अनुसार, “जब आप बेंच पर बैठे होते हैं और फिर मौका मिलता है, तो अक्सर खिलाड़ी दबाव में होते हैं। लेकिन डी कॉक अपने करियर से संतुष्ट हैं, इसलिए वह शांत और रिलैक्स्ड थे। उनकी हृदय गति (heart rate) शायद 60 से ऊपर नहीं गई होगी। उन्हें किसी बात का डर नहीं था, और यही वजह है कि वह इतने स्वतंत्र होकर खेल पाए।”
करियर का उतार-चढ़ाव और मानसिक मजबूती
33 वर्षीय डी कॉक का हालिया करियर काफी दिलचस्प रहा है। उन्होंने पहले टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था और सितंबर 2025 में वनडे क्रिकेट से भी संन्यास की घोषणा की थी। हालांकि, बाद में उन्होंने वनडे से संन्यास के फैसले को पलट दिया। टी20 इंटरनेशनल में भी उनकी स्थिति अनिश्चित रही; 2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद उन्हें दक्षिण अफ्रीका की टीम में जगह नहीं मिली थी, लेकिन नवंबर 2021 में उनकी वापसी हुई, जिसके कारण रिकलटन को बाहर होना पड़ा था।
अब यही मुकाबला मुंबई इंडियंस के ड्रेसिंग रूम में फिर से शुरू हो गया है: डी कॉक बनाम रिकलटन।
कोच महेला जयवर्धने का क्या कहना है?
जब मुंबई इंडियंस के हेड कोच महेला जयवर्धने से यह सवाल पूछा गया कि उन्होंने पहले रिकलटन को क्यों चुना और अब डी कॉक की इस पारी पर उनकी क्या राय है, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया। जयवर्धने ने कहा, “जब रिकलटन ने केकेआर (KKR) के खिलाफ 81 रन बनाए थे, तब किसी ने यह सवाल नहीं पूछा। हम बहुत बारीक अंतरों (margins) पर काम कर रहे हैं। मेरा मानना है कि हम सही समय पर सही निर्णय ले रहे हैं। टीम के भीतर इस तरह की प्रतिस्पर्धा होना अच्छी बात है।”
उन्होंने आगे कहा कि डी कॉक ने एक पेशेवर खिलाड़ी की तरह धैर्य रखा और जब उन्हें मौका मिला, तो उन्होंने अपनी काबिलियत साबित की। कोच के अनुसार, टीम को इसी भूख और फॉर्म की जरूरत है।
सांख्यिकी और मैच का विश्लेषण
दिलचस्प बात यह है कि केकेआर के खिलाफ उस शानदार पारी के बाद से रिकलटन केवल एक बार दो अंकों (double-digits) में पहुंच पाए हैं। दूसरी ओर, डी कॉक ने अकेले दम पर पारी को संभाला। हालांकि, उनकी 112 रनों की पारी के बावजूद मुंबई इंडियंस 200 रनों का आंकड़ा पार नहीं कर सकी।
- नमन धीर: नंबर 4 पर बल्लेबाजी करते हुए 161.29 के स्ट्राइक रेट से 50 रन बनाए।
- क्विंटन डी कॉक: 186.66 के स्ट्राइक रेट से 112* रन बनाए।
- हार्दिक पांड्या: केवल 12 रन बना सके।
मैच के अंतिम चार ओवरों में मुंबई इंडियंस केवल 35 रन ही जोड़ सकी, जिसमें डी कॉक ने 10 गेंदों पर 17 रन बनाए। हालांकि अंत में मोमेंटम कम हुआ, लेकिन टीम को उस स्थिति तक पहुंचाने का पूरा श्रेय डी कॉक को ही जाता है।
अनुभव की जीत
पीयूष चावला ने डी कॉक की पारी की तारीफ करते हुए कहा कि शुरुआत में रिकलटन और सूर्यकुमार यादव के विकेट गिरने के बाद दबाव बढ़ गया था। चावला के मुताबिक, “एक अनुभवी बल्लेबाज के रूप में डी कॉक जानते थे कि उन्हें क्रीज पर टिकना है, लेकिन उन्होंने रन रेट को गिरने नहीं दिया। उन्होंने गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और हर मौके का फायदा उठाया। इस पारी में उनकी यही भूमिका सबसे महत्वपूर्ण थी।”
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या मुंबई इंडियंस आने वाले मैचों में डी कॉक को अपना स्थायी ओपनर बनाएगी या रिकलटन को एक और मौका मिलेगा? फिलहाल, डी कॉक ने यह साफ कर दिया है कि वह अभी भी खेल के सबसे घातक खिलाड़ियों में से एक हैं।
