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दक्षिण अफ्रीका का दबदबा कायम
महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में दक्षिण अफ्रीका की टीम ने अपना दबदबा बनाए रखा है। रविवार को खेले गए दूसरे मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने भारतीय टीम को 8 विकेट से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही मेजबान टीम ने सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। भारतीय टीम एक बार फिर से अपनी लय बरकरार रखने में नाकाम रही और मध्यक्रम की विफलता ने उनकी हार का रास्ता साफ कर दिया।
भारतीय पारी: शुरुआत अच्छी, अंत निराशाजनक
मैच का परिदृश्य पहले मुकाबले जैसा ही रहा। 13वें ओवर तक भारत 99 रन के स्कोर पर दो विकेट खोकर मजबूत स्थिति में था और 160 रन का लक्ष्य छूता दिख रहा था। हालांकि, इसके बाद अचानक भारतीय बल्लेबाजी बिखर गई। भारत ने अपने अंतिम आठ विकेट केवल 48 रनों के भीतर गंवा दिए। शैफाली वर्मा ने 57 रनों की शानदार पारी खेली, जो उनके 100वें टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच को यादगार बनाने के लिए काफी थी। उनके अलावा डेब्यूटेंट अनुष्का शर्मा ने 28 रनों का योगदान दिया, लेकिन बाकी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सकीं।
दक्षिण अफ्रीका की ओर से तुमी सेखुखुने और क्लो ट्रायोन ने तीन-तीन विकेट लेकर भारतीय कमर तोड़ दी। नॉनकुलुलेको म्लाबा ने भी किफायती गेंदबाजी करते हुए 17 रन देकर एक विकेट हासिल किया।
मैदान पर दक्षिण अफ्रीका का शानदार प्रदर्शन
मैच की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका की फील्डिंग थोड़ी ढीली रही, जहां उन्होंने शैफाली वर्मा और अनुष्का शर्मा के आसान कैच छोड़े। हालांकि, जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, उनकी फील्डिंग का स्तर सुधरता गया। लॉरा वोल्वार्ड्ट का कैच हो या अरुंधति रेड्डी को रन आउट करने की तेजी, दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिबद्धता दिखाई। नडीन डी क्लर्क का मिड-ऑन पर डाइव लगाकर लिया गया कैच मैच का सबसे बेहतरीन लम्हा रहा।
वोल्वार्ड्ट और लुस की शानदार साझेदारी
लक्ष्य का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका की सलामी जोड़ी लॉरा वोल्वार्ड्ट और सुने लुस ने 106 रनों की शानदार साझेदारी की। दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों को हावी होने का कोई मौका नहीं दिया। वोल्वार्ड्ट ने जहां अपने ऑफ-साइड शॉट्स से प्रभावित किया, वहीं लुस ने ऑन-साइड पर आक्रामक खेल दिखाया। दोनों खिलाड़ियों ने अपने-अपने अर्धशतक पूरे किए और टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। अंत में ताजमीन ब्रिट्स और एनेरी डर्कसेन ने 17 गेंद शेष रहते टीम को लक्ष्य तक पहुंचा दिया।
भारतीय गेंदबाजी की विफलता
भारतीय गेंदबाजों के लिए यह मैच काफी चुनौतीपूर्ण रहा। दक्षिण अफ्रीका की बल्लेबाजों ने विशेष रूप से बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरानी को निशाना बनाया। वोल्वार्ड्ट और लुस ने उनके खिलाफ बेहतरीन फुटवर्क का प्रदर्शन किया और स्वीप शॉट्स का इस्तेमाल करते हुए खूब रन बटोरे। चरानी ने अपने चार ओवरों में 39 रन लुटाए, जबकि नई गेंदबाज क्रांति गौड़ भी काफी महंगी साबित हुईं।
अब भारतीय टीम को सीरीज में वापसी करने के लिए अपने मध्यक्रम के प्रदर्शन और गेंदबाजी में काफी सुधार करना होगा। दक्षिण अफ्रीका के लिए यह जीत मनोबल बढ़ाने वाली है, जबकि भारत के लिए अब ‘करो या मरो’ की स्थिति बन गई है।
