रशीद खान का ज़िंदगी का ये दिलचस्प पल
क्रिकेट के दुनिया में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने लंबे समय तक भारतीय टीम के लिए खेलते हुए और भी हमारे बीच अपनी एकता को मजबूती से बनाए रखने का काम किया है, लेकिन ऐसे ही कुछ खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्होने इस देश में बहुत बड़ा भागीदारी का विषय बनाया है, और उन्ही में से एक नाम है अफ्गानिस्तान के इस बेहद ताकतवर तेज गेंदबाजी के स्पिनर रशीद खान जिन्होंने पहली बार सन 20 18 में गुजरात टाइटन्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच का मैच खेला जिसके परिणामस्वरुप उनकी अद्वितीय टीम कोलकाता नाइट राइडर्स ने इस प्रतिद्वंदिती में जीत नसीब हुई थी।
रशीद खान का सबसे पहले भारत में नागरिक बने का सपना
के बारे में
लेकिन यकीन रखिये यह टीम कई बुरे पल देखना पड़ा जब उसका अपना भारी पतन शुरु हुआ, परंतु रंग दे बसंती की तरह जिस भी रंग में खेलते थे उसी के साथ उन्हें एक और विरोधी मिला जिसको उन्होंने पहले कभी खेलना नहीं होता उन्ही में से एक टीम ने जिसका नाम गुजरात टाइटन्स थी इस खेल में रशीद खान ने न केवल बेहतरीन जीत का हिस्सा लिया बल्कि उन्हें भारतीयों द्वारा प्यार और भक्ति की भावना से सहारा दिया गया यह विशाल संख्या के भारी जनसमान्थन को न मात्र देख तो ही नहीं था जीत मिली उन्हें बल्कि उन्होंने बहुत बड़े सहयोगी में अपनी प्रथम सहभागी की उपस्थिति दी जिसमें सभी क्रिकेट गेंदबाजी खिलाड़ियों ने भी मिलकर भारत में भारतीय नागरिकता की अर्जी जमा करने जिसके बाद में उन्ही खिलाड़ियों ने प्रतिभा से भी अद्वितीय जीत का सफ्रांचल हासिल किया ।
यह कौन हैं अपनी वास्तविक ज़िंदगी में अफ़गानिस्तान के ही रंग दे बसंती के खिलाड़ी रशीद खान. उन्होनी सन 2017 में इंडियन प्रीमियर लीग में अपने पहले प्रीमियर लीग के मुक़ाबले में अपने खेल की अद्वितीयता को भारतीय खिलाड़ियों को दिखाया और इसके बाद से ही उनके भारतीय नागरिकता को लेकर कई बार अफ़गानिस्तानी खेल संकल्प का जिक्र किया है ।
अफ़गानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के एक कार्यवाहक सचिव शुक्रतुलाह मुस्तफी ने रशीद खान के खिलाफ बुरे कदम उठाये है और इसी क्रम में उन्होंने इस निर्णय का सही कारण भी बताया क्या कि उन्होने उन्हें जाने का मैं अवसर कभी भी नहीं दिया कि उनको पहले ही भारत से ज्वाइन करने का कोई भी अवसर मिला था।
लेकिन इसके साथ ही उन्होने कहा यह इस पूरी टीम पर भी बहुत भारी पड़ा जो सिर्फ़ रशीद खानका खिलाड़ी थे जो विराट कोहली की टीम संस्था सनराइजर्स हैदराबाद को पराजित कर ही नहीं गयी बल्कि उन्होने 6 एकादश मैचो का प्लेइंग ग्राउंड में भी यह मुकाकमल किया सो इस्लामाबाद चार्ली लेग ने कहा।
आज की रणनीति हम ही बनाएंगे
खेले गए मैच में रशीद खान का ऐसा योगदान रहा
जिसके बाद, तेज गेंदबाजी स्पिनर रशीद खान ने हैदराबाद के बॉलर कोलिन मुनरो की बैटिंग से टूर्नामेंट की धीमी गति में परिवर्तन लाया और हैदराबाद टीम का 2वीं ओल्ड ट्रॉफी का मैच में मैदान पर खेल दिया। खेले गए इस मैच का योगदान रशीद खान को कुछ इस तरह याद रहा कि
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- रशीद खान 2018 में कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम का पहला मैच हार गयी थी
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- तो ये सारे पहले के रिकॉर्ड को तोड़ने के रूप में उनका खेला मैच को याद रखना सही हो सकता है
- रामी बाथबोलर के खिलाफ बेहतरीन फोरलेग थमबोल
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जिन कुछ प्यार के रिश्तो का जिक्र क्या रहा क
रशीद खान ने कुछ समय पहले अपने बुक के समय में अपनी राष्ट्रीयता के विषय के ऊपर प्रकाश डाला था। खेल के इतिहास में उन्होंने एक भी बड़े खिलाड़ी का जन्म नहीं हो पाया था।
मुझे यहाँ कई बार सोचता हूँ कि 15 साल की उम्र में अपने बॉलिंग चैंपियन की पहचान बना कर राष्ट्रगीत को साझा में गाने वाले प्रतिभावान बैडमिंटन का नतीजा और विरोध के कारण इस तरह के अफ़निस्तान टीम में अपने पहले ही मैदान पर इस तरह क्या खेल और गाना चाहता हूँ सिर्फ राष्ट्र और देश की प्रतिबद्धता के महत्व को दिखाना जिससे सिर्फ यह खेल और जीत ज़ाया नहीं हुआ जाता किन्तु अफ़ुगन के लिए जितकर अपनी एकता को भी मजबूती से इस तरह से मिला जाता है? जो उन्होंने भारतीय के खिलाफ भी जीत के हाल ही और उसके बाद की।
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