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रविचंद्रन अश्विन ने श्रेयस अय्यर के बारे में एक ऐसा बयान दिया है जो भारतीय क्रिकेट जगत में जोरदार चर्चा का विषय बन गया है। अश्विन का मानना है कि श्रेयस अय्यर केवल अच्छे नहीं, बल्कि ‘महान’ बनने की यात्रा पर हैं — और यह बात सिर्फ उनके रनों में नहीं, बल्कि उनकी मैदान पर उपस्थिति और टीम पर प्रभाव में भी झलक रही है।
श्रेयस अय्यर: ‘ज़ोन’ में बल्लेबाजी
अश्विन ने ESPNcricinfo के कार्यक्रम ‘TimeOut’ में कहा कि अय्यर पिछले कई मैचों से एक ऐसी स्थिति में हैं जिसे क्रिकेट दुनिया में ‘ज़ोन’ कहा जाता है।
“मैं सिर्फ बनाए गए रनों या छक्कों की संख्या नहीं देख रहा। बल्कि, मैं उनकी मैदान पर उपस्थिति देख रहा हूँ। जब भी श्रेयस गार्ड मार्क करते हैं, लगता है कि वे किसी ऐसे स्तर पर हैं जहाँ आम दर्शक पहुँच नहीं पाते। यही ‘ज़ोन’ है – जहाँ आपका हर पहलू, खाना, नींद, प्रैक्टिस, सब कुछ सही चल रहा होता है।”
अश्विन ने इस बात पर जोर दिया कि जब खिलाड़ी ऐसी स्थिति में होता है, तो नेट्स में मारी गई गेंद और मैच में मिली गेंद में कोई अंतर नहीं लगता।
इंपैक्ट बल्लेबाजी और बढ़ती धाक
श्रेयस अय्यर ने आईपीएल 2026 में अब तक अपनी बैटिंग से सबका ध्यान खींचा है। पिछले तीन पारियों में उन्होंने 50, 69* और 66 के स्कोर बनाए हैं। इसके साथ ही उनकी स्ट्राइक रेट 187.96 है, जो गेंदबाजों के लिए डरावना संकेत है।
अश्विन ने कहा:
“उनकी मौजूदगी सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं है। गेंदबाज उनके सामने डरने लगे हैं। वह ऐसे प्रभाव डाल रहे हैं जिससे पूरी टीम का मूड बदल रहा है।”
कमजोरी को स्वीकारने की हिम्मत
एक समय श्रेयस अय्यर को लघु गेंद (short ball) के खिलाफ कमजोर माना जाता था। लेकिन अश्विन ने बताया कि अय्यर ने इस चुनौती से भागने के बजाय उसे अपने विकास का मौका बना लिया।
उन्होंने जसप्रीत बुमराह जैसे तेज गेंदबाज की शॉर्ट गेंद को मिडविकेट के ऊपर से छक्का मारा।
“यह खेल उन क्रिकेटरों के लिए प्रेरणादायक है जो देख रहे हैं। वह अपनी कमजोरियों से लड़ रहे हैं। बहुत कम क्रिकेटर अपनी मजबूतियों को छोड़कर नए क्षेत्रों में जाने की हिम्मत करते हैं। श्रेयस ने यह यात्रा शुरू कर दी है – अच्छे से महान तक की।”
कप्तानी में नेतृत्व का स्वरूप
श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पंजाब किंग्स (PBKS) ने आईपीएल 2025 में फाइनल तक का सफर तय किया था। आईपीएल 2026 में उन्होंने टीम को अब तक 5 में से 4 जीत दिलाई हैं (एक मैच रद्द हुआ) और टीम टेबल के शीर्ष पर है।
अश्विन ने कहा कि अय्यर की कप्तानी का असल असर तब दिखता है जब खिलाड़ी टीम में आराम महसूस करें।
“वह टीम में भाईचारे वाला माहौल बना रहे हैं। यह वही माहौल है जो हम गली क्रिकेट में अपने दोस्तों के साथ बनाते हैं। खिलाड़ी उनसे खुलकर बात कर सकते हैं। यही असली नेतृत्व है।”
क्या श्रेयस अय्यर भारतीय टी20 टीम में होने चाहिए?
अश्विन ने सीधे तौर पर कहा: “बेशक, हाँ!”
उन्होंने तर्क दिया कि टीम चयन करते समय हमें यह नहीं देखना चाहिए कि किसे छोड़ा जाएगा, बल्कि केवल यह देखना चाहिए कि कौन सर्वश्रेष्ठ 15 खिलाड़ी हैं।
“अगर श्रेयस अय्यर इस सूची में आते हैं, तो फिर उन्हें टीम में लेना चाहिए। अगर वे राष्ट्रीय टीम के लिए नहीं खेल पाएं, तो यह उनकी नहीं, बल्कि हम सबकी कमी होगी।”
अश्विन ने यासस्वी जैसवाल जैसे युवा खिलाड़ियों की भी तारीफ की, लेकिन तर्क दिया कि भारत की क्रिकेट समृद्धि ही यह संभव है कि हमारे पास इतने स्तरीय विकल्प हों।
अंत में, यह साफ है कि श्रेयस अय्यर सिर्फ रन बना रहे हैं, बल्कि पूरे क्रिकेट जगत को बता रहे हैं कि कैसे एक खिलाड़ी अपने स्तर को ऊपर ले जाता है — ऊपरी तौर पर नहीं, बल्कि गहराई से।
