भारतीय प्रीमियर लीग (आईपीएल) ने वर्ष दर वर्ष होने वाले लोकप्रियता और लाभ में वृद्धि के साथ अपनी जगह बनाई है, जबकि इंग्लैंड की हजारों की स्पेनिश टूर्नामेंट जैसी विशेषताएँ वाली टी20 लीग ‘द हंड्रेड’ ने प्रतिभागियों को आकर्षित करने में असफल दिखाई है। विभिन्न देशों में व्यवसायिक लीगों के रूप में मान्यता प्राप्त होने के स्वीकृत तरीकों को ‘फ्रेंचाईजी सिस्टम’ में शामिल किया गया है, और इन लीगों की सफलता के लिए इनकी क्षेत्रीय प्रासंगिकता अत्यन्त महत्वपूर्ण है।
द हंड्रेड के बारे में आम लोगों को भविष्य की संभावनाओं से परेशानी हो रही है। इस लीग की सफलता के बारे में माननीय केविन पीटरसन निष्कर्ष निकाल रहे हैं, उनका मानना है कि अंडर द निगरानी में इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) द्वारा लीग का मौजूदा मॉडल बारीकी से मूल्यांकन किया जा रहा है और जल्दी ही इसके मॉडल में महत्वपूर्ण संशोधन करने का विचार किया जा रहा है।
हालांकि इस प्रकृति का संरक्षक, लालित मोदी की राय को ‘एक्स’ का कमेंट के उत्तर में बदल दिया गया कि द हंड्रेड लीग भी इंग्लैंड की नागरिकों को लुभाने के लिए 20 ओवर की टूर्नामेंट और भिडत का स्वरूप अपनाएँगी।
जिसके बाद मोदी ने इस के व्यापारी, खेलकूद ताकतों पर धमाकेदार हमला बोल दिया, लालित मोदी का कहना था कि हंड्रेड लीग का IPL से कभी कोई मेल नहीं हो पाएगा।
‘पुकारा ले कैविन’, ‘यदि कोई 20-20 टूर्नामेंट IPL (भारतीय प्रीमियर लीग) से मिलता भी है, तो वह भी अंततः दूर ही होगा’ निष्कर्ष निकालने के रूप में लालित मोदी ने जुझारू आचरण दिखाया।
उन्होंने केवल संकेत दे दिया कि प्रेम की प्रतिभा (सर्वसाधारण क्रिकेट में) की नहर में इस प्रकार की संतान को पाल-पोसकर भी उसे बड़ी दीर्धावधि का सफल परीक्षण लगाएगा।
मोदी ने रूपहीन विस्तार में कहा, निष्कर्ष निकाला कि IPL से टी20 की लीग को कभी भी इस देश की विशिष्ट सांस्कृतिक चुनौती में असफल ही होगी।
कान माला, IPL के काम करने के प्रकार-विधि को वश में किए जाने की बात के बाद, रैंकिंग भी IPL के महत्वपूर्ण मूल्यों में प्रकाश में लाया जा सकता है।
लालित मोदी ने यह स्पष्ट जताव दिया, कि ब्रिटेन में इंग्लैंड, अथवा टेस्ट क्रिकेट को खेलने के भी टी20 क्रिकेट को खेलने के आदान-प्रदान के विचार से कभी भी वजन नहीं प्राप्त हो सकते, चाहे जितनी भी प्रयास करते हुए उस गणित में भाग लिया जा सकता तो।
