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चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) को आईपीएल 2026 में बड़ा झटका लगा है, क्योंकि टीम के युवा तेज गेंदबाज खलील अहमद को चोट के कारण सीजन से बाहर होना पड़ा है। खलील को दाहिने जांघ के क्वाड्रिसेप्स मांसपेशी में चोट लगी है, जिसके लिए 12 सप्ताह से अधिक समय की अवधि लग सकती है।
चोट कैसे लगी?
खलील ने 14 अप्रैल को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ चेन्नई के घरेलू मैदान पर खेलते हुए यह चोट लगी। वे पांच गेंदों में अपना आखिरी ओवर डालने के बाद मैदान छोड़ गए। उनके चले जाने के बाद युवा गेंदबाज गुरजपनीत सिंह ने ओवर पूरा किया।
CSK के लिए चोटों का कहर जारी
खलील के बाहर होने से पहले भी CSK की चोटों से जूझ रही थी। कप्तान एमएस धोनी अभी भी पिंडली की चोट से उबर रहे हैं। 28 मार्च को टीम ने घोषणा की थी कि वह पहले दो सप्ताह तक नहीं खेल पाएंगे। हालांकि वह टीम के साथ अभ्यास सत्र में शामिल हो रहे हैं, लेकिन अभी तक पूरी तरह से नहीं खेल पाए हैं।
इसके अलावा, नेथन एलिस पूरे सीजन के लिए बाहर हैं। उनके स्थान पर आए स्पेंसर जॉनसन भी अभी चोट से उबर रहे हैं और टीम से अभी तक जुड़ नहीं पाए हैं।
खलील के विकल्प कौन?
टीम के पास खलील की गैरमौजूदगी में दो नाम तलाश किए जा रहे हैं: मुकेश चौधरी और रामकृष्ण घोष।
- मुकेश चौधरी – महाराष्ट्र के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज। खलील की तरह बाएं हाथ से गेंदबाजी करते हैं, इसलिए यह लाइक-फॉर-लाइक प्रतिस्थापन हो सकता है।
- रामकृष्ण घोष – दाहिने हाथ के तेज गेंदबाज जिन्होंने 2025-26 घरेलू सीजन में धमाका किया।
रामकृष्ण घोष का घरेलू सीजन शानदार
घोष ने विजय हजारे ट्रॉफी में महाराष्ट्र के लिए अद्भुत प्रदर्शन किया। उन्होंने जयपुर में हिमाचल प्रदेश के खिलाफ 7 विकेट 42 रन पर लिए – महाराष्ट्र के लिए लिस्ट ए क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन। न केवल गेंदबाजी, बल्कि उन्होंने मुंबई के खिलाफ 27 गेंदों में नाबाद 64 रन भी बनाए, जिससे उनकी ऑल-राउंड क्षमता की पुष्टि हुई।
CSK का अब तक सीजन
CSK ने अब तक सीजन में पांच मैच खेले हैं, जिसमें से उन्होंने केवल दो जीते हैं। टीम का अगला मैच शनिवार को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ हैदराबाद में होना है।
खलील के बाहर होने से गेंदबाजी इकाई पर दबाव बढ़ेगा। टीम प्रबंधन अब नए नामों पर भरोसा करने के लिए मजबूर है, लेकिन इसके साथ ही यह मौका भी है कि युवा खिलाड़ी अपनी काबिलियत दिखाएं।
आईपीएल 2026 में CSK के लिए यह चुनौतियों भरा पड़ाव है, लेकिन टीम के पास परिस्थितियों का फायदा उठाने का अनुभव भी है। क्या वे फिर से उबर पाएंगे? यह समय ही बताएगा।
