MS धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स के अगले मैच के लिए हैदराबाद के खिलाफ अपनी वापसी का एलान कर दिया है। चेन्नई सुपर किंग्स ने अपने सबसे महत्वपूर्ण मैचों में से कुछ को जीत के बिना शुरुआती खेलों के बाद खो दिया है, जिनमें उनके पूर्व कप्तान रुतुराज गायकवाड़ की अनुपस्थिति शामिल है।
चेन्नई सुपर किंग्स ने एक बड़ा नुकसान किया जब एमएस धोनी ने नेट्स में चोट लगने के कारण प्रतियोगिता से बाहर कर दिया गया। जिस बैटर ने नेट्स में अभ्यास किया और फिर से उपचार से अपनी बहुत ही बेहतरी तक लौटकर देखी। उसने इसी के साथ अपनी वापसी का अपडेट भी किया है।
चेन्नई सुपर किंग्स ने अपनी दूसरी जीत कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ दर्ज की है और पहली बार डिल्ही कैपिटल्स के खिलाफ उनकी पहली जीत को रजिस्टर किया है। सुपर किंग्स ने शुरुआत में हैट्रिक के नुकसान से बचने के लिए अपनी पहली जीत के बाद एक जीत की कुंजी ढूंढने का प्रयास करेगी।
भारतीय पूर्व कप्तान ने 2008 में आईपीएल के उद्घाटन से चेन्नई के लिए खेलना शुरू किया है और उनके अभिन्न रहेगा। उन्होंने अपनी कप्तानी में चेन्नई को पांच बार आईपीएल ट्रॉफी जीती हैं, जिससे उनकी कप्तानी में उन्होंने अपनी सबसे बड़ी कीर्तिमान को प्राप्त किया। लेकिन उन्होंने जैसे कप्तानी छोड़ दी उसी समय से टीम पर असफलता के बादल छा गए।
चेन्नई सुपर किंग्स ने जैसे ही अपनी पहले 5 मैचों की शुरुआत शानदार रूप में शुरू की, उनका पहला मैच चेन्नई की सबसे जरूरी गेंद होगी, जब एमएस धोनी का हैदाराबाद के खिलाफ मैच खेलने की संभावना बहुत ज्यादा बढ़ गई है।
उनकी जरूरत है कि अपने ऐसे क्रिकेट किताब में खिलाड़ियों की जोड़ी को देखें जो इस तारकीय में गिर सकती है और साथियों पर उनकी प्रतिबद्धता बेहद चांदी की बत्ती बने। एमएस धोनी की जरूरतों पर गौर किए बिना शायद यह असंभव कि वह किसी भी खिलाड़ी में खेलें हारे कान, हो सकता है कि ऐसा खेल का गेम बदल जाए, किन्तु अपनी जीत के लिए कोई भी हालात को सुनिश्चित करना।
हैदराबाद के खिलाफ आइसी एमएस धोनी को फिर से चेन्नई सैनिको के टीम में खेलने के लिए उनके लिए जरूरी भी है और जरूरत भी है तो कि एमएस धोनी कोई भी किताब नहीं लेकिन फिर भी प्रतिदिन तीन-चार घंटे का काम।
