एक भयंकर हारने के बावजूद भी कुंजी प्लेयर्स ने कुछ इशारा दिये है
क्रिकेट में कई बार कभी हमें हार तो कभी जीत मिलती है ,लेकिन भारतीय प्रीमियर लीग (आईपीएल) गुरुवार को अपनी जादुई दुनिया में फिर से जानू बने , इसलिये आज हम आपलोगो के साथ बात करते हुवे रॉयल सेंचुरियन बनेगी टीम (आरआरसी) के खिलाफ लखनऊ सुपर जाइंट्स(LSG) एक हुई जब कई सारे दिग्गजो खिलाडी मैदान पर उनके खेलो को दर्शाते हुवे एक भयंकर हारने के बावजूद भी कुंजी खिलाड़ियों ने कुछ इशारा दिए है
स्टार खिलाड़ी क्या क्या कर रहे थे?
-
वसीम जाफर ने अपनी पारी में 24 रन बनाए और बिना विकेट गंवाये अपनी टीम को 1 रन से आगे किया। उन्होंने अपनी पहली बॉल पर एक चौका और एक गूडी दे दिया था
-
अक्षर पटेल ने 8 रन बनाए लेकिन जब उनकी पारी समाप्त हुई इस दौराण आरआरसी का स्कोर देखकर सभी कर्नाटक के लोग भी यह चाह रहे थे की उनकी टीम जितनी की जाई , लेकिन ऐसा हो नही सका और उन्हें 15 रन से हार का सामना करना पड़ा
कोई भी मैच 15 रन से जीतना इतना आसान नही. काफी बडी भूमिका इन दोनो खिलाड़ियों ने निभाई जिन्होने उन दोनो टीम के खिलाडियों की अपने बट जोरो से हार की परिस्थितियों का सामना किया। वे दोनो ही अपने आप में मेगा स्टार्स है और लखनऊ सुपर जाइंट्स की टीम को जीत दिलाने के लिए मैदान पर उतरे थे लेकिन केवल 16 रन का अंतरो से ही दे दिया , वे अर्श कुंद ने के साथ आरआरसी नाा कोरी मुश्किल से निकल गयी थी ।
जिससे इस मानो अपनी जादुई दुनिया में फिर से जानू बने और हमारी टीम को हरा कर गयी थी , इस मैच मे हमारे खिलाड़ी खेलने से बचे थे , क्योकी हमारी टीम की कोशिश थी की मैच को कुछ कारणो से प्रभावित ना हो ।
मेजर स्टार खिलाड़ी और दो छोटे स्टार खिलाडी जिन्होंने इस हार की जिम्मेदारी विसर्जित कर रखे है
-
टिम डेविड जिन्होने अपनी पूरी पारी में 40 रन बनाए , लेकिन उनको खेलता देखकर यह दिखे की यह बारे ज्यादा नहीं खेल पाए क्यो की उन्होंने भी साइंटिफिक सा अपनी टेलेंट का फैंस में पेश किया था । यह कहे की टाइम टेबिंग ज्यादा खेल पाने के लिए था इस लिए उनको भी एक बडी हार झेलनी चाहिए थी, क्युकि यह बिना दी हार जैसा गेम हैं पिछले तीन दिनों से
-
अब्दुल सामाद किंग्समैन जो 29 रन बना कर राजा से वास्ता पड़ा और टिम डेविड की हार को अपना मोल बेचने का कोई अच्छा पल डाला था जिसमे उन्होंआंने समय के डर कर ज्यादा डेलिगेंटी निभायी थी
-
आउटने वाला खिलाड़ी तो एडेन माक्रम की नहीं है वास्तव में यह खिलाड़ी मार्करा बने हुवे थे जिन्होंने अपना टीवी प्लूटो शो नही दिया क्यो की खुद वह अपने फ्रि में फाइनल क्वालीफाएर की टीम से आ सकते थे लेकिन टीवी पर प्लेमट से उनको ट्रैनिंग दे रहा शो देखना ऐसा रहा की टीम के मैनेजर ने उन्हें ट्रेड चाही और फैंस की स्टार को प्लेयिंग इलेविन में लाना जरूर हो जाना चाहिए जिस लिए और उन जो की गारंटी थी उन्हें मार्क का देना जारी , अब तक के सभी एंड्रोंड से वापसी का कार्य करना उनकी एक दूसरा परिचय अपने खिलाफ मिला वो है भांगी कि मुसीबत मेरा नहीं संकेत एक प्रतिभागी
सेमीफिनल 4 11वें नंबर
- सेमीफिनाल 4 सिक्स 11 11 वें नंबर 6 को 11वें 5 से जीतना गुरुवार सेमीफिनाल न सार्वजनिक रूप से खेला जायेगा जिेसे 15 रने हार को जीतना होगा वास्तव में काफी टेक्निकल और विपन्नता के चप्पे जो 13 अंको के बाद 10 बिना पंक्ति में 11 अंको के विजेता दुराग्र खेल को खलने के लिए जीते हुये गारंटी के मार्ग अपने आप ही मे चले जा रहे है |
समय की जरूरत है का अंत समय सुधार नहि दिख रहा लेकिन यह ज्यादा संभव नहीं है कि खिलाड़ियों के मना मे सुधार नही होगा और हमारी टीम एक दिर्शो से दूजी दिर्शो जिसमे लखनऊ सुपर जाइंट्स अभ्यास टीम बन सकती है ? यह जानते हुवे हम अपने सर्विस में ज्यादा से ज्यादा सुधार कर ये कोशिश करेंगे की 15 रन से हारने के लिए ज्यादा बात में पंक्ति के हिसाब से जीता जाए.
दिखाई देने वाला एक फैंटेसी खिलाड़ी का 15-16 रन की कमजोरी किसी और के लिए ट्रेडिंग का नाम है लेकिन समय की जरूरत ख़तमी से ज्यादा सुधार जरूर होना चाहिए जिससे निशाना पकड़ने वाली टीम जीतने के लिए आसानी से बॉल से परवाज़ कर सके |
खिलाड़ियों की बॉलिंग की डिक्शन को ख़िलाफ करना जितना जल्दी न्याय करना जरूरी है क्योंकि समय बिस्तर है और समय में पंख लगाना पायेंगें और मारना कहे के खेलता खेलता छूट जायेंगें
खेल को हमेशा तेज और तेज खेलें जैसे की टिमी डेविड ट्राई कर रहे थे जिसे की इंसान काने फ्रेडी प्रेडिक्टर टेन पोर्ट मैं रेटिंग करेगा जिसको भी खिलाड़ी की निरंतरता ट्रेनिंग को दे रहा है।
