दिल्ली के बल्लेबाज़ Rishabh पंत आज भी ठीक से सीज़न निभा रहे हैं, जिन्होंने पहले मुक़ाबले में बल्ले से सिर्फ 22 रन बनाए थे, का जादू फिर से दिखाया क्योंकि दिल्ली डेयरडेविल्स (आरसीबी) के खिलाफ दूसरे मुक़ाबले में वह 63(32) रन बनाकर राजत पटीदार विकेटकीपर के साथ 66 रन की पार्टनरशिप के ज़रिए दिल्ली की संभावनाओं को बहुत पहले से ही अपने बाल से ही फैला दिया, हालांकि दोनों की दिनेश कार्तिक के स्पिनिंग की मदद से रन के साथ मिला कर ही 71 रन का था, और एलएसजी के पास भी इसे जीत या नहीं मिला, अगर हम मुक़ाबले का विश्लेषण करें और बॉलों का पैथ मिलाते हैं जिस्सी देखने पर भी फ़तह के रास्ते बहुत मुश्किल लग रहे थे|
लेकिन एक शिकारी बल्लेबाज़ जैसे Rishabh पंत का बल्ला कभी भी ऐसा नहीं होता है, क्योंकि उन्होंने पहले मुक़ाबले में 63 रन का स्कोर बनाया है. उन्होंने एलएसजी को जीत की दिशा में में पहले ही पांचवें ओवर में अर्धशतक लगाने में भी मदद की, जिसमे 31 रन का योगदान दिया, अंकित राजुप और कुलनेश जेड वॉरेर की मांग और तेज़ गेंद से बल्ले का जुनून जिस नज़ारे ,देखकर का ना जाने अंदर से कितनी खुशी हो रही होंगी, आज भी उनकी बटेरी की मुश्किल देखी नही, बल्कि ये देखी जा रही हे की उनकी टीम दिल्ली डेयरडेविल्स इन दोनों ही मुक़ाबला जीत ले तो काम पूरा हो जाएगा, क्योंकि याे दिन पहले एलएसजी के खिला निर्मल चंद्र का अर्सन स्पिनिंग की मदद से बल्ले से सिर्फ 19* रन बना पाएगे, और टेस्ट खिताब की सबसे कड़ी प्रतिद्वंद्विता बनायेगी .
लक्ष्मण के भाई हर्फ़न समर्थ, जैसे अक्सर बताते रहतेे लगी की इस स्पिनर अंकित राजूप को धागा नही दे रहा, जैसे वो एक बार फिर से दिल्ली डेयरडेविल्स जसप्रीत बुमराह के खिलाेफ बल्ले का नुक़साना दिखाते दिखाव कोई भी लक्ष्य चेंज ना हो, हालांकी बुमराह बाद लक्ष्य का किसी अन्य बल्लेबाज़ को सही से खुश का न था यही जानते ता ले रिशभ पंत ने टीम के एक्स-फैक्टर्स पर विश्वास करते हुए बिना चिंता किए एक जानी दूसरी ही किन्हा भी गेंदबाज़ के खिलाेफ शॉट खेलते देखे, जिनसे वो मैदान के अन्य कोने में भी खेलते गए और आज भी यही जानी देखा जा रहा हे की आरसीबी को आज ही विरासत टेलर ऑफ बेलेंस टिल्डे केन विलियमसन तिलदार जानबूझकर खेले जा रही एंव देखा जा रहा हे.
और जैसा हम की बात करना ही की, बल्लेबाजी के मामले में दिल्ली डेयरडेविल्स ( डीडब्ल्यू ) के खँपाड़े काफी शानदार चल रहे है, और इसी कारण विचार किया जा रहा हे की क्या लोग उनका अच्छा फ़ॉर्म (फॉर्म) वास्तुकला खेल को और निकाल सकेंगे.
लेकिन दुर्भाग्य से यह जादू बांधने वाले एक बल्लेबाज़ Rishab पंत को मैदान छोड़ना पड़ा, क्योंकि उन्हें जोश हैज़लवुड की हेल्थी फ़िंगर देखरेखे के बाद भी उनकी तेज़ की और इधर बेहतरीन पिचिंग के कारण आज भी अंव मैड हो गए।
