भारतीय प्रीमियर लीग (आईपीएल) के इस सीज़न की दुनिया के सबसे प्रतिभाशाली बल्लेबाजों में से एक, मिचेल मार्श ने एक ऐसा प्रदर्शन दिखाया है जिसने पूरे खेल को आगे बढ़ा दिया है। लेजर्स गोविंदा एंड उनके साथी खिलाड़ी, जो इस मैच में मिचेल मार्श के मुकाबले में जुटे थे, उनके लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक नए शीर्ष बल्लेबाज की तलाश थी, लेकिन जैसे ही मिचेल मार्श ने पहली गेंद पर ही छक्का जड़ दिया, उनकी प्रतिभा को रातोंरात उजागर कर दिया। यह एक ऐसा पिटारेबंदी था जिसने क्रिकेट के इतिहास में अपनी जगह बनाई और मिचेल मार्श, भुवनेश्वर कुमार की ब्राह्मणता से डरते हुए, अपने 50 ओवरों में 200 से अधिक रन बनाने के लिए तैयार थे।
लेकिन, मिचेल मार्श की आक्रामकता ने उन्हें एक बहुत बड़ा विकसित किया। उन्होंने इसके साथ-साथ अपनी तकनीक का भी प्रदर्शन किया, जिसने उन्हें अगले 50 ओवरों में 600+ रन करने के लिए प्रेरित किया। आज हालातों के सामने मिचेल मार्श की बैटिंग में एक नया फ़ैसला है और क्रिकेट के इतिहास में मिचेल मार्श और भुवनेश्वर कुमार की मुलाकात जितनी ही चर्चित है, उतनी ही अद्वितीय भी है
क्या थी इस दुर्लभ मुलाकात की वजह? जैसा कि सभी जानते हैं, भारतीय प्रीमियर लीग (आईपीएल) में बल्लेबाजों के कौशल को दिखाने का एक ही तरीका होता है, और आज भी मिचेल मार्श की बैटिंग में उसी तरह से दिखाया गया है। इसी को सिद्ध करते हुए, उन्होंने 102 मीटर की छक्का जड़ने के लिए एक बार फिर से बल्ला उठाया।
अपनी बैटिंग के माध्यम से मिचेल मार्श ने आज ही क्रिकेट के इतिहास में एक और नया विश्वास स्थापित किया है जो पूरी तरह से उनके बल्लेबाजी के माध्यम से ही स्थापित किया जा सकेगा।
उनकी बैटिंग के शिखर पर पहुँचते ही, जो आज वहां पहुँचते हैं, उसका स्तर 102 मीटर की छक्का जड़ने का था। यह एक ऐसा उच्चतम शिखर प्रदर्शन था जिसे कोई भी खिलाड़ी यादगार तौर पर दोहराना पेश करता था।
इसी तरह से उन्होंने अपनी क्षमता को एक दिन साबित करने के लिए सारी कोशिश की, लेकिन इसके बदले में उन्होंने पूरी टीम को सहायता देने के लिए 102 मीटर की छक्का जड़ने के बाद लेज़र्स गोविंदा की जीत में भी अपना एक योगदान किया। जैसा कि हम जानते हैं, किसी भी दिन की जीत एक बार भी कठिन नहीं होती, लेकिन आज जैसे जीत के लिए कई ऐसे कारक भी थे जिनसे जीत में मिचेल मार्श का योगदान था।
अगर हम वैसे ही देखें तो लेजर्स गोविंदा की टीम के पास वही खिलाड़ी थे जो उन्हें यह जीत लाने का मौका देते थे।
बिल्कुल वही दो घड़ी की छपाई के निशान पर आधारित टीम का यह एक बहुत ही दिलचस्प टीम थी। इसी को देखो, टीम में कई ऐसे खिलाड़ियों का शामिल था जिन्हें कभी टीम में समायोजित नहीं किया गया। क्या था यह दिन आज? आज वही दिन था जब उन्होंने जीत हासिल की थी। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ जब 6 विकेट भी गिरने में विफल रहे थे।
इस सीज़न के कारण 102 मीटर की छक्के मारने में मिचेल मार्श का बल्लेबाजी तकनीकी स्तर ने उन्हें फ़तेही गारंटी दी।
लेकिन, आइए आपको यह सब भुला कर क्रिकेट के प्रोफेशनल के साथ यह परिक्षण करें, जो सहज रूप से उनके लिए 102 मीटर की छक्के मारने का इरादा है।
अगर कोई मिचेल मार्श की यही हालत करना चाहता है, तो उसके क्या होंगे कुछ आसान-से-साथ-सही सुझाव?
यह एक प्रतीति है कि क्या आप उसके लक्ष्य से उन्हें सामांयतः ब्रिटन की टीम की नीति से दूसरी प्रतिभा के साथ मिलान कर सकते हैं ताकि वह कुछ सिद्ध कर सकें।
अगर उनके लक्ष्य वैसे ही हैं तो यह एक प्रक्रिया से शायद ही कठिन हो।
इसे फिर से देखें, भारतीय प्रीमियर लीग (आईपीएल) में बल्लेबाजी करने की एक दावेदार की शानदार खेल के कारण अपनी विशिष्टता बता सकती है कि यह प्रतिभासंपन्न क्रिकेटर न मिचेल मार्श नहीं बल्कि भारत के सभी क्रिकेटर हैं इसका फायदा प्रतिभा के अंदर खोजा था।
एक और बात जो मिचेल मार्श के इस 102 मीटर के स्पीच में प्रकट होती है यह है कि वह एक क्रिकेटर के रूप में अपने विवेक को दिखा देते हैं। अपनी बैटिंग में मिचेल मार्श ने बहुत सारे जोखिम लिए, जिनसे उन्हें उनके फ़तहमी के हाफ-से दिन तक पूरित किया। क्या था यह एक अलग प्रकार का स्वाद? जैसा हम आज देखते हैं जो कि उन्होंने अपने 50 ओवरों का 102 मीटर का छक्का मारने में भी सामान्य से अधिक स्वाद लाया है।
