पाकिस्तानी टीम के अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिज़वान जल्द ही एक और फॉर्मेट के लिए भी खेल से बाहर हो सकते हैं। टी20आई के खिलाफ उनके पहले से ही खेलने का मौका छिन गया है। तेजी से बदलती हालात से मोहम्मद रिज़वान पर बहुत दबाव बढ़ रहा है। उनकी बीस ओवर क्रिकेट और अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट की राह में भी चुनौतियाँ आ गई है।
दुर्भाग्य से, रिज़वान का विकेटकीपन का एक नए फॉर्मट में खेलने का मौका मैं इस समय नहीं दिया गया है, उसी समय उन पर बढ़ता दबाव के मुकाबले उनका प्रदर्शन काफी खराब रहा है। इससे उनका प्रदर्शन काफी खराब होता दिख रहा है।
हालांकि, उनके बल्लेबाजी करियर को देखें, इसके बावजूद कि बहुत से बेहतरीन खिलाड़ी टीम से बाहर होने के बाद भी अपने देश के लिए उत्तम बल्लेबाजी करने के लिए लौट आते हैं, लेकिन इसमें भी काफी समय लगता है। इसलिए, मोहम्मद रिज़वान के इस दृश्य में भी समय की काली घट्टा अपनी गति से लग चुकी है। यह वास्तविकता सटीक खेल के मैदान में देखी गई कि जीर्ण जीवन में खेलवने, वैसे में काम करनेवाले खिलाड़ी अनुकूल परिवेश में कुछ भी काम नहीं करतें है। खेल मुकदमे न तो उनमें भी विश्वास बना पाया और न ही किसी अन्य क्षेत्र पर विश्वास के अंदाज तो।
खास बात यह है कि 12 टेस्ट मैचों में मोहम्मद रिज़वान के बल्ले से 262 रन निकले हैं और उनकी औसत भी मात्र 21 रही।
उनमे दी गई सूची को जोकि मुझे पसंद नहीं है, जिसे मैं इस लेख में छापने से भी इन्कार करता हूँ, उसके अनुसार 19, 30, 10, 46, 29, 37, 24, 40, 19, 0, 1, और 6 रिज़वान की पिछले 12 टेस्ट मैचों में निरंतर कम होते जा रहे रन हैं।
उन्हें इस भावावस्था के बावजूद भी यह साबित करना नितांत आवश्यक था कि यदि किसी खिलाड़ी के नाम पर नमाम और उनका विकास हो, तो भी वह बेहतर कल हो सकती है, लेकिन कोई कारण नहीं दिखाई जा रही थी, इसलिए प्रभावशाली दूरदर्शी रिज़़वान पर संकट में देखए गए जाएंगे।
रिज़वान के इस कारण पर तेजी से बढ़ती बातों ने उन्हें बहुत दुख में डाला है। अभी तक तक प्रारम्भिक पचासा छोड़ने में उन्हें बहुत संघर्ष करना पड़ता है, जिसके लिए उन्हें कोई भी पर्याप्त और उपयुक्त सहायता नहीं मिल रही थी, जिससे उन्हें अपना यह कमजोर स्तर सुधारने में कोई काम नहीं चला और उन्हें किसी भी जुझारू काम करने की क्षमता नहीं दी।
इस माहौल में यह सभी हकीकत हैं मोहम्मद रिज़वान के जीवन में और हालात बहुत जाने दखाई गई हैं। प्राप्ति सुख से बँधुआ रहा है उनका
भारतीय टीवी के प्रसिद्ध पत्रकार एके शर्मा ने जानकारी की घोषणा बताया कि अपना देखा है कि कार्यक्रम की पहली पाँच मुकाबलों की शुरुआत में भी उन्होंने 50 का आंकड़ा भी देने में विफल रहा। उनके बल्ले से निकले रन के आंकड़े मात्र काम ही है। प्राप्ति सिंह प्रेम चंद ने भी अपनी टिप्पणी पर यहां लिखा कि रिज़वान मोहम्मद रिज़वान ने ही एक नया टैलेंट बना दिया है।
रोहailand नजीर की टैलेंट का इस्तेमाल
हालांकि, बुरे प्रदर्शन के बावजूद, रिज़वान को एक और मौका देने के लिए बार-बार डिमाण्ड ने जो बनाया या बना सकता था, कारण पाकिस्तान के नौजवान टैलेंट काफी साकारात्मक रुझान में दिखाई दे रहे हैं, जैसि कि रोहैल नजीर, जो अपनी गुड़िया भूमिका के लिए खुश रहे है। यदि रिज़़वान को एक और मौका मिल जाता है, तो रोहैल नाज़िर एक बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। इससे कुछ खिलाड़ीों का फ्यूचर प्रभावित हो सकता है।
सुरक्षित भविष्य
यह प्रभावशाली रिपोर्ट है कि उनके 12वें मुकाबले में संकोच नहीं करने की दिशा में चले गए।
कारण
पाकिस्तान के खेल पत्रकारों के बीच, रोहैल नाज़िर की विद्यमानता बहुत जोर शोर से चर्चा में तेजी से ले आई गई हैं। संक्षेप में, आप तुरंत इसके लिए जिम्मेदारी स्वीकार करना होगा कि पाकिस्तान के बाहर मुकाबले में अब कोई अंदाज शायद रिश्ते में नही देखा जायेगा और आप जिसे प्रगति का दौर जागकर खोजा खेल रहा था, वो प्रबल बेरुखी के साथ हमारा दौर से स्वीकार नहीं किया गया
हालात
रोहैल नाजीर ने पाकिस्तान के लिए अटकलें फैल रहीं हैं। उनके नाम पर अब टेस्ट सीरीज के लिए चयन से पाकिस्तानी खेल पत्रकारों को जो अपना खेल का मौका देने का पिछले का चाहते है वो इस बार भी रोहैल को पाकिस्तान के खेड़ा में लेने के कुछ समय की प्रतिविधिता चाहते हैं। उन्हें उम्मीद है कि टेस्ट सीरीज के दौरान रोहैल नाजिर को मौका उपलब्ध हो।
हाल ही में रोहैल नाज़ीर के नाम पर ही अटकलें फैल रहीं हैं कि क्या वह टेस्ट टीम का सामना करने के लिए तैयार हैं। उनकी प्रतिभा और अनुभव को देखते हुए मोहम्मद रिज़वान की जगह पर एक मजबूत संभावना है। उनकी नजदीकी सहायता उन्हें टेस्ट क्रिकेट की शुरुआत में मदद कर सकती है।
