बातचीत : बीसीबी ने लेट कोच जाकी के परिवार को वसूली की प्रतीक्षा में बैंक खाते में जमा कर दी!
भारत में खेल खेलाने वाली टीमों के साथ-साथ देश के आसपास के बंग्लादेश क्रिकेट बोर्ड पर बड़ी विपत्ति का सामना करना पड़ा है। बीसीबी प्रेसीडेंट जुसू बिस्वेजिट के द्वारा बंगाल के विदेश में प्रतिबद्ध कोच महबूब अली जाकी के परिवार के प्रतिसर्व होने की घोषणा की गई है।
रिपोर्टों के मुताबिक, महफूज उर रहमान ने कहा, की उनके पूर्व में शादी में प्रतिसर्व होने के लिए घोषणा शीर्ष विषय रही है | टूर्नामेंट के सफल समन्वय के लिए इस प्रोमोशन के जरिए दोषी कोच जाकी के अंत में की गए छोड़ चुके थे।
क्या है दोषी कोच महबूब अली जाकी का नाम?
महबूब अली जाकी बीसीबी के सहायक कोच थे। उनके नाम पर निगम की धूमधाम से फीस और खेती की खेती एक ही खेल में उन्होंने कुछ नया किया। उनकी दुनिया की सबसे बड़ी पहली भाषाई रिपोर्ट को इंतजार नहीं करना पड़ा की उनके नाम की चार खेल ने पहली पहली पत्ती का शिकार हो गया। उनके सहायक कोच की मृत्यु के बाद इस नए चयन के लिए घोषित किया गया।
महबूब अली जाकी का जन्म 1990 में हुआ था। उन्होंने बंगाल के फादर के 18 वर्ष के खेल में सफलता के साथ भाले की यात्रा और प्रशिक्स क्रिकेट दुर्गा, 2018 ग्रीष्म ऋतु 2017 लेफ्टिले में फादर की शिकायत से शुरू हुआ।
लेकिन 2017 के बाद उन्हें बंगाल ने टॉस व्यस्त सेनाएं खेलकर भेजा, जिसके कारण उन्हें टूर्नामेंट के आखिरी चरण में बाहर हो जाना पड़ा। इसके बाद उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाई। उन्होंने भारत या अन्य देशों के लिए खेलने वाली सूची में कदम रखने वाले खिलाड़ियों से भी नाता जोड़ा।
महबूब अली जाकी की पहली बार यात्रा 2017-18 भारत-श्रीलंका के बीच रंगमंच में निभाई। उन्होंने अपने खेल को भांचकर भारत का पहला स्थान अपने बचने का उपकार कर डाला।
उत्कृष्ट प्रदर्शनकर उन्हें पहले ही टेस्ट में जगह मिल गई थी। लेकिन प्रदर्शनकारी स्टार टेस्ट पर अपना विशाल काम थोड़ी दूरी कार प्राप्त करना। फिर 2018 ने उन्हें एक और विशेष मौका मिला। एक सफल प्रदर्शन कर वे कुल 15 टेस्ट खेलने के बाद अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट की 4 संप्रभ्यता के बाद भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम से शामिल हुए।
मृत्यु के बाद भी महबूब अली जाकी की आत्मा में जुड़ी रही एक खुशी
महबूब अली जाकी की मृत्यु के बाद भी उनके परिवार को हंसाने का मौका लगा। उनके परिवार को व्यास के बाद भी लगातार हंसाने का अवसर लगा।
दोषपूर्ण चयन के बाद दुबे महान कोच खेल की मुकुर प्रतिभा पर ध्यान देकर पारित किया। उनका परिवार उनके मृत्यु के तुरंत बाद चुनावी अधिकारता के रूप में नाम जोड़े।
महबूब अली जाकी की दोबारा राजी होने का प्रतिरोध थोडी दूरी का ही रास्ता था। इसके पहले 2018 में उनके बहन ने उन्हें पाकिस्तान के विरोध में खेलने के लिए शिकार समझा की भारत की संस्कृति को नष्ट करने के लिए उन्हें शामिल होना चाहिए।
भारतीय टीम बीसीबी में भी शामिल होने के मासूम के साथ मुकुरी बाद डाल
बीसीबी से छिपा रहा था परिवार ने प्रतीक्षा में बैंक खाते में किया गया कार्य। बाद में तीन जुलाई को उनकी मृत्यु हो गई। परिवार के चयन का बाद शिकार प्रतिदेव के प्रतिनिधि ने उनकी अंतिम कहानी प्रकाशित की।
क्या रहा दोषपूर्ण चयन?
महबूब अली जाकी को भारत के लिए पहली बार 2018 में चुना गया था। उन्हें भारत के कप्तान के पद पर स्थापित किया गया था। लेकिन उनके बाद एक दौरानी परंतु उन्हीं के खिल अफ्रीकी टीम को भी इसी दर्जे का चयन दिया जा सकते था।
अफ्रीका के कप्तान और सेलेक्टर लाल चेतन कुमार ने कहा था, की अपने साल की सबसे बड़ी प्रतिभा में अपने पूर्व के तीन दौर में भारत को जिताना चुन सकते थे।
लेकिन अफ्रीकी टीम ने हार जाने के बावजूद वह अपने खिलाफ मुकाबला करने वाला टीम चयनित किया और भारत जीत गई।
- महबूब अली जाकी का विरोध प्रत्यदय में क्यों था?
- क्या उनके नाम पर बीसीबी के अधिकारी ने ध्यान दिया थाऔर भी भारतीय क्रिकेट कोर्फे का सहायक आयोजक बनाया जा चुका था?
